सदरदाशहर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2025। श्री सप्तऋषि वेद वेदांग ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम एवं संस्कृत भारती के संयुक्त तत्तावधान में सोमवार को गीता जयंती का पावन पर्व धूमधाम व गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वटुको द्वारा सामूहिक श्रीमद्भगवद्गीता पाठ से हुई, जिससे पूरा परिसर अध्यात्मिक अनुभूति से भर उठा। इस अवसर पर संस्थापक धर्मशास्त्राचार्य डॉ. पं. बालकृष्ण कौशिक ने गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य को अपने कर्तव्य मार्ग पर अडिग रहना चाहिए तथा फल की अपेक्षा किए बिना कर्म करते रहना ही जीवन का सच्चा धर्म है।
उन्होंने गीता को जीवन प्रबंधन का अद्वितीय ग्रंथ बताते हुए युवाओं को इससे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उद्योगपति एवं समाजसेवी ओमप्रकाश जोशी ने ऋषिकुल के विकास के लिए व विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं व आर्थिक सहयोग प्रदान करने की घोषणा की, उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों के लिए ऋषिकुल वरदान सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में अध्यक्ष हुलासमल व्यास, मंत्री सुरेन्द्र दाधीच, उपाध्यक्ष प्रकाश पारिक, बजरंगलाल पारिक, कोषाध्यक्ष शिवप्रसाद पारिक, बलदेव इन्द्रेरिया, सभाध्यक्ष मुरलीधर शर्मा, शंकरलाल उपाध्याय, मुखराम नाथोलिया, लक्ष्मीनारायण पारिक, कमल पारिक, वेदाध्यापक रामदेव वैदिक, अभिषेक शुक्ला, डॉ. अविनाश पारिक, घनश्याम शास्त्री सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने भारतीय संस्कृति, वेद परंपरा और गीता दर्शन के प्रति नई पीढ़ी में गहरी आस्था का संचार किया।
ऋषिकुल में श्रद्धा व संस्कृति के साथ मनाई गई गीता जयंती










