धर्म की विजय का संदेश देती है रामकथा: पं. बालकृष्ण कौशिक

सरदारशहर एक्सप्रेस 26 दिसंबर 2025/ मनीष पांडिया। कंदोई परिवार की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के षष्ठम दिवस पर कथा स्थल श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कथावाचक आचार्य पं. बालकृष्ण कौशिक ने श्रीराम कथा के विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया, जिससे श्रोता भक्ति रस में डूब गए। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों के माध्यम से मानव जीवन में करुणा, सेवा, त्याग और संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया। कथा के दौरान आचार्य पं. बालकृष्ण कौशिक ने सीता हरण के प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रावण ने छलपूर्वक मारीच को स्वर्णमृग बनाकर पंचवटी भेजा। स्वर्णमृग की मोहक छवि देखकर माता सीता के आग्रह पर श्रीराम उसे पकड़ने वन में चले गए। मारीच वध के बाद उसकी कपटपूर्ण पुकार सुनकर सीता की व्याकुलता पर लक्ष्मण भी श्रीराम की खोज में आश्रम से बाहर गए। इसी अवसर का लाभ उठाकर साधु वेश में आए रावण ने अतिथि धर्म की आड़ लेकर माता सीता का हरण कर लिया। मार्ग में जटायु ने सीता की रक्षा का साहसिक प्रयास किया, किंतु रावण ने उसके पंख काट दिए। आचार्य कौशिक ने कहा कि यह प्रसंग अधर्म, अहंकार और छल का प्रतीक है, तथा अंततः धर्म की विजय का स्पष्ट संदेश देता है। कार्यक्रम में कंदोई परिवार की ओर से अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। कथा में विधायक पं. अनिल शर्मा, पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा, सुरेन्द्र जैसनसरीया, रवी बांयावला, पुरुषोत्तम सर्राफ, दिनेश सोनी, दशरथ राजपूत, सूर्यप्रकाश जैसनसरीया, मनोज व्यास, पवन झंवर, सूर्यप्रकाश लढीया, महावीर चंगोईवाला, तरुण पारीक, अनिल जांगलवा, मनोज सैनी, अमरचंद मीणा, किशोर मित्तल, विकास अग्रवाल, पार्षद पिंटू नाई, महावीर माली, अभिलाष चौधरी, रवी पारीक, श्रीनिवास पारीक, डूंगरमल पुरोहित, नरेश कंदोई, नीरज कंदोई, मनोज भालेरीवाला, पवन पोद्दार, शिवशंकर जैसनसरिया, हरीश जैसनसरिया, श्यामसुंदर मित्तल, गौरव सिंघानिया, किशोर सिंघानिया, डॉ. पूनमचंद नाई, शंकरलाल व्यास, भगवती प्रसाद व्यास, छगनलाल सेवदा, रामावतार चौधरी, ओमप्रकाश पारीक, बनवारीलाल जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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