सरदारशहर से मनीष पांडिया की रिपोर्ट। रविवार को सुभाष बस्ती (बुकलसर बास व भूरजी कुआं क्षेत्र) में प्रातः 11 बजे से विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन शिवबाड़ी बाबोसा मंदिर प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भव्य शोभायात्रा के रूप में सम्मेलन स्थल पर प्रवेश किया। बस्ती में जगह जगह बस्तीवासियों द्वारा कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात सम्मेलन का विधिवत आरंभ स्वस्ति वाचन के साथ मां भारती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रतनगढ़ जिला प्रचारक गिरेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में बताया कि देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने समाज से जाति-पाति और भेदभाव को त्यागकर सनातन मूल्यों के अनुरूप एक-दूसरे को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने उद्धबोधन में बताया कि समाज संगठित होकर ही देश की सारी समस्याओं का समाधान कर सकता है। आज देश की स्थिति को देखते हुए हिंदू समाज को संगठित रूप से सामाजिक समरसता, प्रेम, सेवा और एकता को जीवन में उतारकर एक सम्मिलित शक्ति के रूप में कार्य करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित कालू, बीकानेर के संत शुकदेवदास (मौनीजी) महाराज ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में मातृ शक्ति की अहम भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि हमारे कुटुंब की व्यवस्था एवं हमारे जो परस्पर रिश्ते हैं। उन रिश्तों को बनाए रखने के लिए संतान का संस्कारित होना अति आवश्यक है। संतान को संस्कारित करने लिए सभी सनातनी परिवारों को अपने सनातन संस्कारों का पालन करना चाहिए। संस्कारित संतान हमारे घर में होगी तो ही हमारे रिश्ते और परिवार सुरक्षित होंगे। संत श्री ने नशामुक्ति, नैतिक मूल्यों की रक्षा और परिवार व्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषयों पर सारगर्भित विचार रखे। आयोजन समिति के सचिव गजानंद सैनी ने बताया कि की सम्मेलन का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना और सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों प्रेम, करुणा और एकता को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बस्ती के वरिष्ठ वृद्धजन, प्रभात फेरी निकालने वाले, गौ सेवा करने वाले, स्वच्छता कर्मियों, पर्यावरण संरक्षण करने वाले, परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले, धार्मिक, सामाजिक क्षेत्र एवं खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में प्रोत्साहन एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। आयोजन में उपस्थित लोगों को प्रसादी वितरित की गई तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ हुईं, जिससे पूरे परिसर में उत्सवपूर्ण वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में प्रकाश माटोलिया, रामदेव सुथार, अंबालाल भार्गव, अमर चंद नायक, लोकेंद्र सिंह, संदीप सैनी, रोहिताश सोनी, अमित शर्मा, विनोद जाट, मुरलीधर सैनी, प्रकाश टोकसिया, मदन सैनी, रामकिशन प्रजापत, बाबूलाल धोबी, ओमप्रकाश नाई, सूरजभान गुर्जर, गौरीशंकर सैनी, प्रमोद, हनुमानमल भोजक, रमेश भोजक, शंकर जाट, हनुमान माटोलिया भारी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अशोक भोजक ने किया।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कुटुंब प्रबोधन एक अनिवार्य आवश्यकता – हिन्दू सम्मेलन में दिया संदेश










