सरदारशहर एक्सप्रेस। ग्राम पंचायत जीवणदेसर में शासकीय राशि के कथित गबन और कूटरचित बिल-वाउचर तैयार किए जाने का मामला अब विधिवत रूप से दर्ज हो गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (भारत) के राज्य जनसंपर्क अधिकारी सम्पत सिंह राजपुरोहित के शिकायत पर पुलिस थाना सरदारशहर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा आपसी मिलीभगत से कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए फर्जी बिल व वाउचर जारी कर शासकीय राशि का गबन किया गया। आरोप है कि सरपंच प्रतिनिधि द्वारा बिना विधिक अधिकार हस्ताक्षर किए गए, वहीं वर्तमान सरपंच के पुत्र मनीराम द्वारा भी कथित रूप से स्वयं सरपंच बनकर बिल जारी किए गए। सम्पत सिंह राजपुरोहित के अनुसार, सत्यता की जांच के लिए उन्होंने पंचायत चुनाव के नामांकन पत्रों की प्रतियां उपखंड कार्यालय सरदारशहर से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त कर हस्ताक्षरों का मिलान कराया।
साथ ही पंचायत के कार्यों से संबंधित बिल-वाउचर सूचना आयोग जयपुर के आदेश के बाद 18 सितंबर 2025 को प्राप्त हुए। अध्ययन में सामने आया कि जिन फर्मों के नाम से बिल जारी किए गए, वे वर्ष 2018 में पंजीकृत थीं, जबकि वर्ष 2025 में कूटरचित रूप से बिल बनाकर हिसाब मिलाने का प्रयास किया गया। परिवाद में जीएसटी नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत कर्ता ने सरपंच मोहिनी देवी, ग्राम विकास अधिकारी उम्मेद प्रकाश मेघवाल, सरपंच प्रतिनिधि, मनीराम तथा फर्म जय मां करणी इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर राजवीर सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 467, 468, 471 व 120-B के तहत कार्रवाई की मांग की है।थानाधिकारी सरदारशहर द्वारा मामले की जांच एएसआई हिम्मत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
संपत सिंह राजपुरोहित के शिकायत पर जीवणदेसर पंचायत में कथित करोड़ों के गबन का मामला दर्ज, पुलिस जांच शुरू










