सरदारशहर एक्सप्रेस / मनीष पांडिया। राजस्थान में इन दिनों पत्रकारों की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा पत्रकारों की आजीविका पर वार करने के मामले राजस्थान में बढ़ते जा रहे हैं उन्ही मामलों में आईएफडब्लूजे पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के साथ भी जैसलमेर जिला कलेक्टर ने द्वेषतापूर्ण कार्रवाई करते हुए उनकी आजीविका पर जेसीबी चलाकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने का प्रयास किया गया। जिसकी अनेक पत्रकार संगठनों ने निंदा की। राजस्थान में पत्रकारों पर बढ़ते हमले व प्रशासन द्वारा पत्रकारों की आवाज को दबाने के लिए उनकी आजीविका पर वार किया जा रहा है। इसके विरोध में पूरे राजस्थान में आईएफडब्लूजे पत्रकार संगठन के बैनर तले जिला कलेक्टर व उपखंड अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर जैसलमेर कलेक्टर के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही हैं।
लेकिन सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा इन मामलों में कोई संज्ञान नहीं लेने पर पत्रकार संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा हैं। इसी विरोध को लेकर आईएफडब्लूजे पत्रकार संगठन के बैनर तले जैसलमेर कलेक्टर के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर पिछले 13 दिनों से राजस्थान के अनेक जिलों के पत्रकारों द्वारा धरना दिया जा रहा है। फिर भी सरकार द्वारा पत्रकार हितों को लेकर उनकी आवाज की कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। जिससे राजस्थान में पत्रकारों में विरोध बढ़ता जा रहा हैं। सरदारशहर उपखंड अधिकारी रामकुमार वर्मा को आईएफडब्लूजे पत्रकार संगठन के जिला अध्यक्ष मुरलीधर बोचीवाल के नेतृत्व में तहसील अध्यक्ष पवन शर्मा, मंत्री मनोज दर्जी, संगठन मंत्री मुन्ना लाल राव, सत्यनारायण सोनी, दीनदयाल लाटा, चैनरूप वर्मा, मनोज राव, रुशतम खान, जाकिर हुसैन सहित अनेक पत्रकारों ने ज्ञापन देकर जैसलमेर में हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पत्रकार की आजीविका पर किए गए वार से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
पत्रकारों की आजीविका पर वार कर लोकतंत्र को दबाने का प्रयास नहीं होगा सहन











