सरदारशहर एक्सप्रेस 16 दिसंबर 2025/ मनीष पांडिया। कड़ाके की ठंड और सर्द रातों में जब गरीब व बेसहारा परिवारों के लिए जीवन संघर्ष बन जाता है, ऐसे समय में श्री लोकरंजन परिषद् सरदारशहर ने मानवता की अनुपम मिसाल पेश की। सरदारशहर में बीकानेर रोड स्थित सूरज पब्लिक स्कूल के पीछे, मध्यप्रदेश व अन्य क्षेत्रों से आए गरीब मजदूर, महिलाएं व बच्चे खुले आसमान के नीचे ठंड से सिकुड़ते हुए रह रहे हैं। ऐसे जरूरतमंदों के लिए परिषद् के कार्यकर्ताओं द्वारा मध्य रात्रि में एक पिकअप भरकर रजाइयों का वितरण किया गया ।
इस सेवा अभियान के तहत 100 से अधिक महिलाओं को भारी व गर्म रजाइयां प्रदान की गईं, जिससे ठंड से राहत मिल सके। भामाशाहों के आर्थिक सौजन्य से लोकरंजन परिषद् द्वारा यह पुनीत कार्य लगातार 6 वर्षों से नियमित रूप से किया जाता रहा है। इस अवसर पर लोकरंजन परिषद् की ओर से उपाध्यक्ष शोभाकांत स्वामी, मंत्री शम्भूदयाल पांडिया, सदस्य ओमप्रकाश तिवारी, अभिषेक पारीक एवं रामप्रसाद सुथार, बसंत सोमानी, विवेक नोलखा, मदन लाल पारीक, पवन कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष शोभाकांत स्वामी ने कहा कि मायड़ भूमि के ऐसे सपूतों को हम धन्यवाद देते हैं, जिनके आर्थिक सहयोग से ऐसे नेक कार्य निरंतर पूरे हो रहे हैं। जरूरतमंदों की सेवा ही सची मानव सेवा है। उपाध्यक्ष शोभाकांत स्वामी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल आंकड़े दिखाना नहीं, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान कर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। हमारे द्वारा की जाने वाली सेवा केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक है। मंत्री शंभुदयाल पांडिया ने बताया कि लोकरंजन परिषद् द्वारा कला एवं संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च महत्व दिया जाता रहा है। भविष्य में भी ऐसे पुनीत सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
लोकरंजन परिषद् द्वारा समाजसेवा के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है। ठंड की इस भीषण रात में जरूरतमंदों को हर साल 1100 रजाइयां वितरण, गर्मियों में पानी के टेंकर व आवश्कतानुसार वाटर कूलर एवं ओक्सीजन सलेंडर एवं मशीनों की 24 घंटे सेवा कार्य चालू रहता है जरुरतमंदो को राहत पहुंचाकर परिषद् ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सेवा का भाव सच्चा हो तो मानवता स्वयं रास्ता बना लेती है।
ठंड में भी मानवता को गर्माहट, श्री लोकरंजन परिषद् का सेवा अभियान बना मिसाल










