गणगौर माता का बनौरा निकाला, गली-मोहल्लों में गूंजे रहे पारंपरिक गीत

सरदारशहर एक्सप्रेस से मनीष पांडिया की रिपोर्ट। शहर में गणगौर पर्व की रौनक लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को वार्ड नंबर 45 गौशाला बास में महिलाओं और बालिकाओं ने गणगौर माता का बनौरा निकालकर उत्साह और श्रद्धा के साथ पर्व मनाया। इस दौरान महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर एकत्रित हुईं और विधि-विधान से गणगौर माता की पूजा-अर्चना की। बनौरे के दौरान गलियों में ईसर-गौर के पारंपरिक लोकगीतों की मधुर गूंज सुनाई दी। भक्ति में लीन महिलाएं ईसर जी थे गोरा बाई ने भेजो और तेल बल घी घाल घुंडलो घुमलो जी घूमलो जैसे लोकगीत गा रही थीं जिससे क्षेत्र में समृद्ध लोक संस्कृति की झलक दिखाई दी। यह पर्व महिलाओं की आस्था और लोक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है। इसी प्रकार राधे कृष्ण माहेश्वरी मंदिर, मनसा माता मंदिर में महिलाओं द्वारा गणगौर का बनोरा निकाल कर गीत गाए गए व गणगौर माता की पूजा अर्चना की गई। पुजारी सत्यनारायण बोचीवाल, निर्मल कुमार शर्मा ने प्रसाद वितरण किया। आयोजन में नताशा, नम्रता, प्राची, शोभा देवी, जशोदा, अम्बिका देवी, रुक्मणी देवी, मधूदेवी, हर्षिता, पायल देवी, सुमन देवी, विधादेवी और शोभादेवी सोनी सहित कई महिलाएं व बालिकाएं मौजूद रहीं।

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