सरदारशहर एक्सप्रेस। आयुर्वेद विश्व भारती, गांधी विद्या मंदिर एवं संस्कृत भारती , चूरू जनपद के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन शुरू हुआ। इस शिविर के उद्घाटन सत्र में संस्कृत भारती जयपुर प्रांत संगठन मंत्री विमल कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा भारत के सभी ज्ञान भंडारों का आधार है एवं हमारे ज्ञान की भी मूल भाषा है। 
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्कृत भारती के जिलाध्यक्ष डॉ अविनाश पारीक ने संस्कृत और आयुर्वेद के गहन संबंध की विशेष चर्चा करते हुए कहा की आयुर्वेद की वैज्ञानिक जानकारी एवं आयुर्वेद के मूलग्रंथों को सही तरीके से समझने के लिए संस्कृत का व्यावहारिक ज्ञान बहुत आवश्यक है।सारस्वत अतिथि डॉ .विश्वेश्वर शर्मा ने संस्कृत भारती के विभिन्न प्रकल्पों एवं आयामों की जानकारी प्रदान करते हुए कहां की उन्हीं आयामों के तहत संस्कृत संभाषण शिविर का यहाँ आयोजन हो रहा हैं। इस सात दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर में संस्कृत भाषा में संभाषण का अभ्यास करवाया जाएगा । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप प्राचार्य प्रो. श्याम सुंदर शर्मा ने सभी आगंतुक अतिथियों का महाविद्यालय परिसर में हर्षोल्लास पूर्वक स्वागत करते हुए आयुर्वेद के शोध कार्यों में संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सह आचार्य डॉ. श्रीराम शर्मा ने किया। कार्यक्रम का मंच संचालन एवं अतिथि परिचय संहिता सिद्धांत एवं संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य सन्दीप शर्मा ने किया। इस संभाषण शिविर में महाविद्यालय के 50 से अधिक आयुर्वेद के प्रशिक्षणार्थीगण उत्साह पूर्वक भाग ले रहे हैं।










