सरदारशहर एक्सप्रेस 23 दिसंबर 2025/ मनीष पांडिया। कंदोई परिवार की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के तृतीय दिवस कथा स्थल श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं के अद्भुत संगम का साक्षी बना। कथावाचक आचार्य पं. बालकृष्ण कौशिक ने श्रीराम वनगमन प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के दौरान श्रोता कई बार भावुक हो उठे और वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया। पं. बालकृष्ण कौशिक ने कहा कि श्रीराम का वनगमन त्याग, मर्यादा और कर्तव्य पालन का सर्वोच्च उदाहरण है। पिता की आज्ञा को शिरोधार्य कर राजपाट, वैभव और सुख-सुविधाओं का त्याग कर वनगमन स्वीकार करना आज के समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि श्रीराम ने जीवन के हर प्रसंग में धर्म और मर्यादा को सर्वोपरि रखा। कथा में कैकेयी के वरदान, दशरथ की वेदना, माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी के भाव, तथा लक्ष्मण-सीता के साथ श्रीराम के वनगमन का सजीव चित्रण किया गया। दशरथ के विलाप और अयोध्या के शोक का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा में भजनों एवं संगीतमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया
कथा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा, सभापति राजकरण चौधरी, भाजपा उपाध्यक्ष मधुसूदन राजपुरोहित, पूर्व प्रधान सत्यनारायण, नरेश कंदोई, नीरज कंदोई, हनुमान कंदोई, गौरीशंकर कंदोई, शिवरतन कदोंई, बनवारीलाल जांगीड़, मनोज भालेरी वाला, बाबू शिवरतन कंदोई, पवन पोद्दार, संजय कंदोई,विनोद उड़सरिया, संतोष सर्राफ ,राकेश पंसारी, महेश पंसारी, भरत मिश्रा, सदीप कंदोई, ललित जैसनसरिया, अजीत कंदोई, रौनक कंदोई, सोहनलाल पारीक, संतोष सर्राफ, श्याम सुंदर मित्तल, सूर्य प्रकाश जैसन सरिया, मुखराम नाथोलिया, जितेंद्र स्वामी, रतनलाल भोजक, दयानंद कंदोई, तेजकरण चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।, आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने आगामी कथा प्रसंगों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया।










