सरदारशहर एक्सप्रेस 28 दिसंबर 2025/ मनीष पांडिया। कंदोई बग़ीची में आयोजित श्रीराम कथा के अष्टम दिवस पर कथा स्थल भक्ति, करुणा और भावनाओं से ओतप्रोत नजर आया। व्यासपीठ से कथावाचक पं आचार्य बालकृष्ण कौशिक ने लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं हृदयस्पर्शी वर्णन किया, जिसे सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा में बताया गया कि मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर समस्त वानर सेना शोकाकुल हो उठी। भगवान श्रीराम का विलाप सुनकर वातावरण करुणामय हो गया। इस प्रसंग के माध्यम से भाई लक्ष्मण के प्रति श्रीराम का अपार प्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं का गहन चित्रण प्रस्तुत किया गया। कथावाचक ने संजीवनी बूटी लाने हेतु हनुमान जी की अद्भुत भक्ति, शक्ति और समर्पण का भी भावपूर्ण वर्णन किया। हनुमान जी द्वारा संजीवनी लाकर लक्ष्मण को पुनर्जीवन मिलना प्रभु कृपा और सच्ची भक्ति की महिमा को दर्शाता है।
इस प्रसंग से यह संदेश दिया गया कि संकट की घड़ी में धैर्य, विश्वास और भक्ति ही जीवन का संबल बनते हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों के साथ भावविभोर नजर आए। अष्टम दिवस की रामकथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।जिन्होंने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कथा में विधायक अनील शर्मा, उपसभापति अब्दुल रशीद चायल, नेता प्रतिपक्ष राजेश पारीक, राजकुमार सोनी, गंगाराम माली, बाबूलाल प्रजापत, सरपंच भरत, जितेंद्र राजवी, पार्षद ओमप्रकाश नाई, कुंजबिहारी जोशी, प्रह्लाद पांडिया,रितेश, बनवारीलाल बेरासरीया,पवन लूहारीवाला
अमरतलाल पोद्दार, नन्द किशोर मित्तल, ओमप्रकाश बेरासरीया, विनोद अग्रवाल, अजय, सुमीत राजगढ, शिवकुमार चाचान, मनोज भालेरीवाला सांवरमल बायंवाला, नरेश कंदोई, निरंजन सर्राफ,गौरु सिंघानिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कंदोई परिवार द्वारा आगंतुकों का दुपट्टा ओढ़ाकर व प्रभू श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर स्वागत सत्कार किया गया।
लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग ने भावविभोर किए श्रद्धालु, अष्टम दिवस की श्रीराम कथा संपन्न










