सरदारशहर एक्सप्रेस / मनीष पांडिया। गांव लिखमादेसर स्थित हंसोजी धाम प्रांगण में पूनमचंद रामनिवास तिवाड़ी परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्री राम कथा के 9वें दिन भक्ति, श्रद्धा और उत्साह अपने चरम पर दिखाई दिया। कथा जैसे-जैसे अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ी, माहौल और भी भावुक और भक्तिमय होता चला गया। दंडी स्वामी श्री शिवेन्द्राश्रम जी महाराज द्वारा कथा के दौरान श्री राम-हनुमान भेंट, राम-सुग्रीव मित्रता, सीता खोज और हनुमान-जामवंत संवाद जैसे मार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
वहीं राम-रावण युद्ध और श्री राम राज्याभिषेक के प्रसंग पर पूरा पांडाल “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। समापन अवसर पर पूर्ण आहुति हवन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। आयोजन के दौरान कार्यकर्ताओं का भव्य सम्मान भी किया गया, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया।
इस नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखीं, तो वहीं चेहरे पर संतोष भी झलकता नजर आया—मानो प्रभु श्रीराम की कृपा का साक्षात अनुभव हो रहा हो। गौरतलब है कि श्री कृष्ण गोपाल गौशाला ट्रस्ट, लिखमादेसर के लिए भी यह आयोजन प्रेरणादायक रहा, जहां नौ दिनों में दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग करते हुए करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये का योगदान दिया और सेवा की मिसाल पेश की।
इस अवसर पर सुशील देवी पूनमचंद तिवाड़ी, विद्यादेवी रामनिवास तिवाड़ी, बनवारीलाल, गजेंद्र, तरुण, अक्षय, यश, रुचिका, पार्थ, प्रियांशी, नव्या सहित परिवारजन एवं महंत भंवरनाथ ज्यानी, भोलनाथ मंडा, प्रभुनाथ ज्यानी, चोलनाथ महिया, देवाराम जाट सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कथा का सफल संचालन गिरधारीलाल पारीक ने किया।


राम कथा बनी आस्था का महाकुंभ: 9 दिन में डेढ़ करोड़ का सहयोग, सेवा की मिसाल











