सरदारशहर एक्सप्रेस। शिक्षा मनीषी ब्रजमोहन लाटा की पुण्यतिथि पर श्री लाटा शिक्षा निकेतन उ मा विधालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गणमान्य लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। आचार्य पंडित बालकृष्ण कोशिक ने स्व गुरुजी को प्राचीन गुरुकुल परम्परा का श्रेष्ठ उदाहरण बताते हुए कहा कि गुरुजी को संस्कृत संस्कृति के संवाहक थे।
पहलवान प्रभु सिंह राठौड़, आंनद भार्गव, शोभाकांत स्वामी, शंकर सिंधी ने विचार व्यक्त किए। श्रद्धांजलि सभा में विधालय के सहयोगी सदस्य विरधीचंद वर्मा व डॉ महेंद्र रांकावत के असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। न्यायधीश डॉ श्याम सुंदर लाटा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि हम सदैव उनकी गरिमा के अनुरूप कार्य करेंगे। इस अवसर पर अशोक सोनी, डॉ राजेन्द्र मोदी, सुरेश तिवाड़ी, जगदीश लाटा,मुरलीधर बोचिवाल , सुमित अमित,नवनीत, सात्विक आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। दीनदयाल लाटा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए आंगन्तुको का आभार व्यक्त किया।
संस्कृत संस्कृति के संवाहक गुरुजी











